नई दिल्ली, 16 सितंबर। अगस्त 2026 में भारत के वस्तु निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देश का वस्तु निर्यात 26 फीसदी बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि अगस्त 2025 में यह 34.74 अरब डॉलर था। निर्यात में इस तेजी के पीछे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर कम शुल्क और रुपये की कमजोरी को प्रमुख वजह माना जा रहा है।
अमेरिका को निर्यात में 21% से ज्यादा की बढ़ोतरी
अमेरिकी बाजार में बदली व्यापारिक परिस्थितियों का असर भारतीय निर्यात पर दिखाई दिया है। पिछले साल भारतीय सामानों पर कुल 50 फीसदी तक शुल्क का सामना करना पड़ रहा था, जबकि अब यह करीब 10 फीसदी रह गया है।
इसके चलते अगस्त में अमेरिका को भारत का निर्यात 6.8 अरब डॉलर से बढ़कर 8.3 अरब डॉलर हो गया। यह 21 फीसदी से अधिक की वृद्धि है।
कमजोर रुपये से निर्यातकों को मिली मदद
भारतीय रुपये में 10 फीसदी से अधिक की गिरावट ने भी निर्यातकों को सहारा दिया है। कमजोर रुपये के कारण भारतीय उत्पाद विदेशी बाजारों में अपेक्षाकृत सस्ते पड़ते हैं, जिससे उनकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है।
इस दौरान मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिवहन से जुड़े उत्पादों की मांग मजबूत रही। समुद्री उत्पादों और खाद्य पदार्थों के निर्यात में भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला।
कपड़ा और चमड़ा निर्यात में गिरावट
कुल निर्यात में तेजी के बावजूद कुछ श्रम आधारित क्षेत्रों पर दबाव बना हुआ है। अप्रैल-जून तिमाही में इंजीनियरिंग सामान के निर्यात में 18.1 फीसदी, इलेक्ट्रॉनिक्स में 22.6 फीसदी और दवा क्षेत्र में 6.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, कपड़ा निर्यात में 12.4 फीसदी और चमड़े के उत्पादों के निर्यात में 4.7 फीसदी की गिरावट आई। चाय के निर्यात में भी 17.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई।
सोने का आयात घटा, व्यापार घाटा हुआ कम
अगस्त में सोने के आयात में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अगस्त 2025 में 5.44 अरब डॉलर का सोना आयात हुआ था, जो अगस्त 2026 में घटकर 2.30 अरब डॉलर रह गया।
इस दौरान कुल वस्तु आयात 14.05 फीसदी बढ़कर 70.67 अरब डॉलर रहा। निर्यात की तेज वृद्धि और आयात में अपेक्षाकृत धीमी बढ़ोतरी के चलते व्यापार घाटा 27.20 अरब डॉलर से घटकर 26.86 अरब डॉलर रह गया।
ऑटो और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में भी तेजी
अगस्त में ऑटोमोबाइल निर्यात में 22.2 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 3.14 फीसदी बढ़कर 2.30 अरब डॉलर हो गया।
चीन, सिंगापुर, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और श्रीलंका समेत कई बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ी है। आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निर्यात में उत्पादों और बाजारों, दोनों स्तरों पर विस्तार देखने को मिल रहा है।

