रायपुर, 15 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी, रागी और मक्का जैसे मोटे अनाज को बढ़ावा देने की तैयारी की जा रही है। राज्य में बच्चों के पोषण आहार को बेहतर बनाने के उद्देश्य से स्कूलों के मिड-डे मील और आंगनबाड़ियों के पोषण आहार में मिलेट्स शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
इस संबंध में महानदी भवन में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने और किसानों को इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया।
बच्चों के पोषण आहार में मिलेट्स शामिल करने पर विचार
सरकार स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील में मोटे अनाज के उपयोग की संभावना तलाश रही है। इसके साथ ही आंगनबाड़ियों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार में भी मिलेट्स शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इनके उपयोग को लेकर अंतिम निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है।
किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर
बैठक में कोदो, कुटकी, रागी और मक्का जैसे अनाजों का उत्पादन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। मिलेट्स की खेती को प्रोत्साहित करने से किसानों को नए अवसर उपलब्ध कराने और प्रदेश में मोटे अनाज की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम किया जा सकता है।

