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तिब्बत में बैरियर लेक टूटी… नेपाल में फिर बढ़ा बाढ़ का खतरा

नई दिल्ली, 28 अगस्त। नेपाल और तिब्बत सीमा क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चीन के तिब्बत क्षेत्र में छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदियों के संगम के पास बनी विशाल बैरियर लेक के टूटने की सूचना सामने आई है। इसके बाद नेपाल के रसुवा जिले में प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और राहत-बचाव अभियान में जुटे सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

 

रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक, नेपाली सेना से झील टूटने की जानकारी मिलने के बाद संबंधित आपदा प्रबंधन एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। यह झील छोचेन खोला और पुरेपू त्सांग्पो नदियों के संगम के पास बनी थी। चीन की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी कि झील में पानी लगातार बढ़ रहा है और इसके टूटने का खतरा बना हुआ है।

भोटेकोशी नदी में बढ़ सकता है पानी

तिब्बत से निकलने वाली छोचेन और पुरेपू नदियां आगे नेपाल में भोटेकोशी नदी तंत्र का हिस्सा बनती हैं। ऐसे में बैरियर लेक के टूटने से निचले इलाकों में अचानक पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने भी भोटेकोशी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की जानकारी दी है। हालांकि फिलहाल पानी का प्रवाह हाल की विनाशकारी बाढ़ के मुकाबले काफी कम बताया गया है।

चीन ने बचाव अभियान किया अस्थायी रूप से स्थगित

झील टूटने के बाद संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए चीन की ओर से तिब्बत में चल रहे राहत और बचाव अभियान को भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया। बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

भारत के सीमावर्ती इलाकों पर भी नजर

नेपाल में बाढ़ की स्थिति का असर भारत-नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के महराजगंज और कुशीनगर जिलों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन और संबंधित विभाग नदी के जलस्तर और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। हाल की नेपाल बाढ़ का असर भारतीय सीमा तक भी पहुंच चुका है, जिससे इन इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

फिलहाल नेपाल प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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