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मुख्यमंत्री निवास में धूमधाम से मनाया गया रक्षाबंधन… CM साय की कलाई पर बहनों ने बांधी राखी

रायपुर, 29 अगस्त। मुख्यमंत्री निवास में रक्षाबंधन का पर्व स्नेह, आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं माताओं-बहनों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें अपना स्नेह एवं आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उनका स्नेह और आशीर्वाद प्रदेश की सेवा के संकल्प को और मजबूत करता है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। उन्होंने कहा कि बहनों का स्नेह उनके लिए अनमोल है और यह उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने इसे भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि कर्नल अशोक कुमार दुबे छत्तीसगढ़ से सेना में शामिल होने वाले पहले जवान थे।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की सविता दीदी एवं स्मृति दीदी, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों और विभिन्न समाजों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

1600 जवानों को बांधी गई राखी

मुख्यमंत्री ने ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की बहनों ने सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जवान त्योहारों पर भी परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं, इसलिए उनका सम्मान करना सभी का दायित्व है।

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की मजबूत भागीदार बनाना चाहती है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन से पहले 25 अगस्त को योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में भेजी गई।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा ड्रोन दीदी, ई-रिक्शा दीदी और सेटरिंग प्लेट जैसे नए क्षेत्रों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन दिए गए हैं। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उन्होंने महिलाओं से इन योजनाओं का लाभ लेकर नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्वयं उद्यम स्थापित करने और दूसरों को रोजगार देने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

बस्तर में शांति और विकास का नया दौर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में शांति, विश्वास और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को तेजी से दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर माता-बहन को सम्मान, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मातृशक्ति के सामर्थ्य से ही सशक्त परिवार, समृद्ध समाज और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

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