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CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश… अब वॉट्सएप पर मिलेंगे बी-1, खसरा और ऋण पुस्तिका

The government has taken a major step to simplify and facilitate revenue services in the state. A system for providing land to farmers and landless individuals through B-1 documents, Khasra documents, and loan books, along with other land-related

Chief Minister Vishnu Deo Sai

रायपुर, 08 जुलाई। CG News: प्रदेश में राजस्व सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब किसानों और जमीन मालिकों को बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका समेत भूमि से जुड़े अन्य दस्तावेज व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए तहसील और पटवारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।

साइबर तहसील व्यवस्था पर भी काम

बैठक में अविवादित नामांतरण और बंटवारे जैसी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए साइबर तहसील व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके लागू होने से कई राजस्व सेवाएं केंद्रीकृत और पूरी तरह ऑनलाइन हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में लापरवाही और अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

डिजिटल रिकॉर्ड से मिनटों में मिलेंगे दस्तावेज

बैठक में वसुंधरा परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके तहत राज्य के सभी जिला और तहसील कार्यालयों में उपलब्ध महत्वपूर्ण राजस्व अभिलेखों का एकीकृत डिजिटल अभिलेखागार तैयार किया जा रहा है।

परियोजना पूरी होने के बाद प्रमाणित दस्तावेज कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगे। इससे रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की संभावना भी कम होगी। मुख्यमंत्री ने नकल शाखा को भी पूरी तरह ऑनलाइन करने के निर्देश दिए।

ऑनलाइन आवेदन से आसान होगी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने आरबीसी 6-4 के मामलों में तेजी से कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन आवेदन व्यवस्था लागू होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी। वहीं, अविवादित फौती नामांतरण की प्रक्रिया पंचायतों के माध्यम से कराने की दिशा में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा लंबित सीमांकन प्रकरणों का तय समय सीमा में निराकरण करने और लंबे समय से लंबित मामलों की जिला-वार समीक्षा करने को कहा गया।

तीन जिलों में नक्शा डिजिटाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट

अधिकारियों ने बताया कि धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर में नक्शा डिजिटाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसे दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में अबूझमाड़ सहित असर्वेक्षित गांवों का सर्वे, स्वामित्व योजना, वनाधिकार पट्टों की प्रविष्टि, एग्री स्टैक, फार्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, ऑटो म्यूटेशन, ऑटो डायवर्सन और ई-कोर्ट प्रणाली की भी समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने पटवारी, राजस्व निरीक्षक समेत अन्य रिक्त पदों पर जल्द भर्ती और तहसीलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

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