रायपुर, 11 जुलाई। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में सख्त कदम उठाते हुए रायपुर, मुंबई और जयपुर के तीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में खेल गतिविधियों पर अंतरिम रोक लगा दी है। अब इन स्टेडियमों में एनजीटी की अनुमति के बिना किसी भी तरह का खेल आयोजन नहीं किया जा सकेगा। मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त को होगी।
एनजीटी का यह आदेश रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, मुंबई के डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम और जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम पर लागू होगा। अधिकरण ने कहा कि देश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति गंभीर है, ऐसे में बड़े खेल परिसरों को भूजल के उपयोग और जल संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है।
अधिकरण ने स्टेडियमों में जल प्रबंधन व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। एनजीटी ने कहा कि वॉटर रीसाइक्लिंग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पानी के वैकल्पिक प्रबंधन की व्यवस्थाएं पर्याप्त होनी चाहिए।
नोटिस के बाद भी नहीं मिला जवाब
एनजीटी के मुताबिक, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) और अधिकरण की ओर से संबंधित स्टेडियम प्रबंधन को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद रायपुर, जयपुर और मुंबई के स्टेडियमों की ओर से अब तक जवाब दाखिल नहीं किया गया। इसी को देखते हुए अधिकरण ने अंतरिम रोक लगाने का फैसला लिया।
अप्रैल में मांगी गई थी जल उपयोग की जानकारी
इस मामले में अप्रैल महीने में एनजीटी ने देश के छह प्रमुख क्रिकेट स्टेडियमों से मैदान और पिच के रखरखाव में इस्तेमाल होने वाले पानी के स्रोत तथा जल प्रबंधन व्यवस्था की जानकारी मांगी थी। इनमें रायपुर, दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम, लखनऊ का इकाना स्टेडियम, कटक का बाराबती स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम और मुंबई का डॉ. डी.वाई. पाटिल स्टेडियम शामिल थे।
इनमें अरुण जेटली स्टेडियम और इकाना स्टेडियम ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, जबकि बाराबती स्टेडियम ने जवाब देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। वहीं तीन स्टेडियमों की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद एनजीटी ने यह अंतरिम आदेश जारी किया है।

