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Bastar Anjor: एस.डी.जी. 2.0 और ‘बस्तर अंजोर’ से विकसित छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई रफ्तार… मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

Chief Minister Vishnu Deo Sai unveiled the 'Chhattisgarh Sustainable Development Goals (SDG) 2.0 Framework'—prepared by the State Policy Commission—at the Mantralaya

SDG 2.0 and 'Bastar Anjor'

रायपुर, 09 जुलाई। Bastar Anjor: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ सतत विकास लक्ष्य एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर सतत विकास लक्ष्य एसडीजी राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0, मेटाडेटा हैंडबुक और बस्तर संभाग के समावेशी विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल ‘बस्तर अंजोर’ की भी शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पहलें ‘विकसित छत्तीसगढ़ @2047’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग बेहद जरूरी है। सतत विकास लक्ष्य एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए मजबूत आधार उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं लागू करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नए सतत विकास लक्ष्य एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क में राज्य स्तर पर विकास संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 और जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इससे विकास कार्यों की अधिक व्यापक, वैज्ञानिक और पारदर्शी निगरानी संभव होगी। वहीं, मेटाडेटा हैंडबुक के माध्यम से सभी संकेतकों की गणना और रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने ‘बस्तर अंजोर’ की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह बस्तर संभाग के समावेशी और अभिसरण आधारित विकास का मॉडल है। इसका उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के बेहतर समन्वय के जरिए मापनीय परिणाम हासिल करना है।

उन्होंने बताया कि ‘बस्तर अंजोर’ के 3+4 मॉडल के तहत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल—नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर—को सतत विकास लक्ष्य एसडीजी 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम से जोड़ा गया है। इससे बिना अतिरिक्त संसाधनों के विकास योजनाओं के प्रभाव को और अधिक बढ़ाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘बस्तर अंजोर’ अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत और परिणाम आधारित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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