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CG School: छत्तीसगढ़ में बदला स्कूल कैलेंडर…अब 16 जून नहीं 1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र

The Chhattisgarh government has decided to make a major change to the school education system. The new academic session in the state will now begin on April 1 instead of June 16. The School Education Department has

School transformed in Chhattisgarh

रायपुर, 09 जुलाई। CG School: छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूल शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र 16 जून के बजाय 1 अप्रैल से शुरू होगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। यह नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होगी। इसके तहत मई और जून में ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा।

सरकार का कहना है कि नए शैक्षणिक कैलेंडर का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक शिक्षण दिवस उपलब्ध कराना और पढ़ाई को अधिक व्यवस्थित बनाना है। इससे स्कूलों को पूरे वर्ष पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और विद्यार्थियों को बोर्ड एवं वार्षिक परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।

समीक्षा के बाद लिया गया फैसला

स्कूल शिक्षा विभाग ने यह निर्णय विभागीय समीक्षा बैठक के बाद लिया। बैठक में शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रम संचालन, परीक्षा प्रणाली और शिक्षण व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके बाद अप्रैल से नया सत्र शुरू करने पर सहमति बनी।

पढ़ाई होगी बेहतर, समय पर पूरा होगा पाठ्यक्रम

नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्कूलों को अतिरिक्त शिक्षण समय मिलेगा। इससे निर्धारित समय में पूरा पाठ्यक्रम पढ़ाया जा सकेगा और परीक्षा से पहले विद्यार्थियों को पुनरावृत्ति (रिवीजन) के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और परीक्षा परिणाम दोनों में सुधार होगा।

प्रवेश और किताबों का वितरण साथ-साथ

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यपुस्तकों का वितरण और अन्य प्रशासनिक कार्य नियमित कक्षाओं के साथ ही चलते रहेंगे। इससे नए सत्र की शुरुआत में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

CBSE की तर्ज पर बनेगा नया कैलेंडर

राज्य सरकार शैक्षणिक कैलेंडर को CBSE की व्यवस्था के अनुरूप तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की समय-सारिणी के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना और पढ़ाई का बेहतर वातावरण तैयार करना है।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस बदलाव से विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों सभी को लाभ मिलेगा। समय पर कक्षाएं शुरू होने से पढ़ाई का दबाव कम होगा, पाठ्यक्रम व्यवस्थित ढंग से पूरा होगा और छात्रों को परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।

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