दिल्ली, 10 जून। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना भी दिया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कई नेता मंगलवार रात दिल्ली में धरने पर बैठ गए। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम 5:30 बजे सुनवाई का समय तय किया था, लेकिन उसी समय कार्यालय बंद कर दिया गया, जिससे कांग्रेस अपना पक्ष पूरी तरह से प्रस्तुत नहीं कर सकी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग का दफ्तर बंद होने के बावजूद बाद में दबाव के बाद एक क्लर्क ने आवेदन स्वीकार किया।
यह पूरा विवाद मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद शुरू हुआ। आरोप है कि बीजेपी ने दावा किया था कि उन्होंने हैदराबाद कोर्ट में लंबित एक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में छिपाई थी। जवाब से असंतुष्ट होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन निरस्त कर दिया।
कांग्रेस ने इस फैसले को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी का कहना है कि जिस मामले के आधार पर नामांकन रद्द किया गया है, वह न तो आपराधिक मामला है और न ही अदालत ने उस पर संज्ञान लिया है। कांग्रेस ने इस मामले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी शुरू कर दी है।

