रायपुर, 10 जुलाई। CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित ‘दीदी के गोठ’ वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में कहा कि ‘दीदी के गोठ’ प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए प्रेरणा का सशक्त मंच बन गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार, नवाचार और आजीविका से जुड़ी प्रेरक जानकारियां मिल रही हैं, जिससे हजारों महिलाएं आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘दीदी के गोठ’ कॉफी टेबल बुक, ‘बिहान वाणी’ त्रैमासिक पत्रिका और ‘मोर गांव मोर पानी’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी साझा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और ‘दीदी के गोठ’ के 12 एपिसोड पर आधारित प्रदर्शनी एवं फोटो गैलरी का अवलोकन कर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद से वर्चुअल बातचीत की। विद्या ने बताया कि पति के निधन के बाद बिहान समूह से प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर उन्होंने कपड़े और फैंसी स्टोर का व्यवसाय शुरू किया। आज वह सालाना पांच लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता की सराहना करते हुए इसे अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ ने एक वर्ष में 12 सफल एपिसोड पूरे किए हैं। प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को एक सफल महिला अपनी संघर्ष और सफलता की कहानी अपनी स्थानीय बोली में साझा करती है, जिससे प्रदेशभर की महिलाओं को नई दिशा और आत्मविश्वास मिलता है।
उन्होंने कहा कि बिहान से जुड़कर महिलाएं आज ड्रोन संचालन, जैविक खेती, पशुपालन, राजमिस्त्री, कैटरिंग और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति से करोड़पति बनाने का है, ताकि वे विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत करीब 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है और अब तक लगभग 18 हजार करोड़ रुपये उनके खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 11 लाख से अधिक पूरे हो चुके हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं के लिए ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रभावी मंच बन चुका है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही समाज और प्रदेश के विकास का आधार है। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं तक सफलता और स्वरोजगार की प्रेरक कहानियां पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन गया है।
गौरतलब है कि ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम का प्रसारण 31 अगस्त 2025 से प्रत्येक माह के दूसरे गुरुवार को किया जा रहा है। अब तक 25 जिलों की 38 महिलाओं की प्रेरक कहानियां कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेशभर तक पहुंच चुकी हैं।

