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5 करोड़ के दावे पर घिरे फलाहारी महाराज… विराट कोहली की टीम ने बताया झूठा

वृंदावन, 07 अक्टूबर। विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात को लेकर 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। फलाहारी महाराज उर्फ दिनेश शर्मा ने दावा किया था कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए प्रॉपर्टी बिल्डर लॉबी और राजस्थान की एक निजी कंपनी ने 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे। हालांकि, विराट कोहली की टीम ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

विराट कोहली की टीम ने दावे को बताया तथ्यहीन

विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया कि विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा है। इसी वजह से वह उनके दर्शन के लिए आश्रम जाते हैं।

प्रवक्ता ने 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के दावे को स्पष्ट रूप से गलत और निराधार बताया है। टीम की ओर से कहा गया कि इस दावे में कोई तथ्य नहीं है।

फलाहारी महाराज ने क्या दावा किया?

फलाहारी महाराज ने आरोप लगाया था कि विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज की पहली मुलाकात के पीछे प्रचार और लोकप्रियता बढ़ाने की योजना थी। उन्होंने वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम को लेकर अलग-अलग गुटों के सक्रिय होने की बात भी कही और उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।

विराट कोहली की टीम की ओर से दावे को खारिज किए जाने के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि 5 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की बात किस आधार पर कही गई थी और क्या इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण है।

कौन हैं फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा?

दिनेश शर्मा को फलाहारी महाराज के नाम से जाना जाता है। बताया जाता है कि करीब तीन साल पहले उन्होंने संकल्प लिया था कि मथुरा के कृष्ण मंदिर से मस्जिद हटाए जाने तक वह भोजन नहीं करेंगे और पैरों में पादुका भी नहीं पहनेंगे। फलाहार करने के कारण उन्हें फलाहारी महाराज कहा जाता है।

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उठा मामला

यह विवाद प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद सामने आया। रसिक दुलारी शरण को दीपक लोधी के नाम से भी जाना जाता था। 25 सितंबर 2026 को वृंदावन स्थित आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

वह जबलपुर के रहने वाले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, गिरने से पहले उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बहा था। उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच जारी है। इसी घटनाक्रम के बीच फलाहारी महाराज के बयान ने विराट कोहली और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात को लेकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

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