रायपुर, 14 जून। Matsya Palan : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर ने मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले में पिछले 22 महीनों के दौरान 22 हजार 805 मीट्रिक टन मछली उत्पादन दर्ज किया गया है। इस उपलब्धि ने जिले को प्रदेश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक क्षेत्रों में शामिल कर दिया है।
मत्स्य विभाग द्वारा जशपुर जिले में 77.67 हेक्टेयर तालाब और 295.27 हेक्टेयर जलाशयों का पट्टा आवंटित किया गया है। इसके अलावा नाव, जाल, फिंगरलिंग, मत्स्य बीमा और विपणन सहायता जैसी सुविधाओं के जरिए सात हजार से अधिक मत्स्यपालकों को लाभ पहुंचाया गया है, जिससे उनकी आय और रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई है।
आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादकता
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यपालकों को तालाब निर्माण, पौंड लाइनर और बायोफ्लॉक इकाइयों की स्थापना के लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादन लागत कम हुई है और मछली उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है।
मत्स्य बीज उत्पादन में भी बड़ी उपलब्धि
जशपुर जिले में मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज उत्पादन पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में 18.50 करोड़ स्पॉन, 2.55 करोड़ स्टेज फ्राय और 2.94 करोड़ मत्स्य बीजों का संचयन किया गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर बीजों की उपलब्धता बढ़ी है।
प्रशिक्षण और एक्सपोजर विजिट से मिल रहा लाभ
मत्स्यपालकों को आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से जोड़ने के लिए उन्हें देश के विभिन्न राज्यों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से किसान बीज प्रबंधन, संतुलित आहार, रोग नियंत्रण और विपणन की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिससे मत्स्य पालन अधिक लाभकारी बन रहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
राज्य सरकार की योजनाओं के कारण मत्स्य पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। रोजगार सृजन और किसानों की आय बढ़ाने में इस क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। सरकार का लक्ष्य मत्स्य क्षेत्र का विस्तार कर अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है।


