रायपुर, 13 अगस्त। Guest Teacher Protest: सरकारी कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में हो रही देरी और सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता पीएचडी-नेट कल्याण संघ ने मंत्रालय का घेराव किया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथि व्याख्याताओं ने कई घंटे तक प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उन्हें उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने का मौका दिया जाए। काफी देर तक कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
डेढ़ महीने बाद भी नियुक्ति का इंतजार
अतिथि व्याख्याताओं के मुताबिक शासकीय कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका है और छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद पिछले सत्र में सेवाएं दे चुके कई अतिथि व्याख्याताओं की दोबारा नियुक्ति नहीं हुई है। इससे कई कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित होने के साथ व्याख्याताओं की आय भी रुक गई है।
संघ के अनुसार, राज्य सरकार ने 17 जुलाई 2026 को अतिथि व्याख्याता नीति-2024 (संशोधित-2026) जारी की थी। लेकिन नीति जारी होने के बाद भी कॉलेजों को नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं।
वहीं, उच्च शिक्षा संचालनालय का कहना है कि नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
11 महीने की नियुक्ति, लेकिन प्रक्रिया में देरी का आरोप
अतिथि व्याख्याताओं का कहना है कि नीति में 11 महीने तक काम करने का प्रावधान है, लेकिन हर साल नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है। पिछले सत्र का कार्यकाल 30 मई को समाप्त हो गया था। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद भी नियुक्ति नहीं होने से उन्हें काम और मानदेय का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
संघ ने सभी शासकीय कॉलेजों में एक समान तारीख से नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
400 रुपये अतिरिक्त भत्ते को लेकर भी नाराजगी
नई नीति में अतिरिक्त कार्य भत्ता खत्म किए जाने पर भी अतिथि व्याख्याताओं ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि पहले 4 घंटे कक्षा लेने के लिए 2 हजार रुपये और 3 घंटे अतिरिक्त रुकने पर 400 रुपये प्रतिदिन अतिरिक्त भत्ता मिलता था। नई व्यवस्था में 7 घंटे तक कॉलेज में मौजूद रहने की शर्त है, लेकिन अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान नहीं है।
संघ ने सहायक प्राध्यापक भर्ती में लंबे समय से सरकारी कॉलेजों में पढ़ा रहे अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को महत्व देने की भी मांग की है। संघ के मुताबिक कई व्याख्याता 15 से 20 वर्षों से कॉलेजों में सेवाएं दे रहे हैं।
अधिकारियों से मुलाकात नहीं हुई तो नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान अतिथि व्याख्याता अधिकारियों से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे। कई घंटे इंतजार के बाद भी जब कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया तो प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंप दिया। इस दौरान पुलिस के साथ भी गहमागहमी की स्थिति बनी।
संघ ने सरकार से मांग की है कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी कर कॉलेजों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि अतिथि व्याख्याताओं को समय पर काम मिल सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।


