CM VishnuDev Sai: तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के प्रतीक… CM साय

CM VishnuDev Sai: तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा के प्रतीक… CM साय

रायपुर, 07 सितम्बर। CM VishnuDev Sai: राजधानी रायपुर के कबीर नगर स्थित दशहरा मैदान में मोर माटी सांस्कृतिक संगठन द्वारा आयोजित तीजा-पोरा तिहार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने संगठन की मांग पर कबीर नगर में सर्व समाज भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा हमारी माताओं-बहनों, परिवार और रिश्तों से जुड़ा पर्व है, जबकि पोरा किसानों, खेती और पशुधन के सम्मान का त्योहार है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकपर्व समाज में आत्मीयता और समरसता को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया और माताओं-बहनों को तीजा पर्व के अवसर पर साड़ी भेंट की। उन्होंने सभी को तीजा-पोरा तिहार की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

महिलाओं और किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और माताओं-बहनों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई थी। उनके अनुसार, बीते दो वर्षों में 11 लाख से अधिक आवास बन चुके हैं।

उन्होंने कहा कि किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। वहीं, महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है और अब तक 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही है। कई महिलाएं इसका उपयोग छोटे व्यवसाय शुरू करने, सिलाई मशीन खरीदने और बेटियों के भविष्य के लिए बचत करने में कर रही हैं।

सुशासन और विकास पर भी बोले CM

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने ई-फाइल प्रणाली, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से 36 विभागों की 700 से अधिक सेवाएं नागरिकों को मोबाइल पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों के साहस का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलमुक्त हुआ है। साथ ही, आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीजा-पोरा जैसे पर्व हमारी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत हैं। इन्हें सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू सहित मोर माटी सांस्कृतिक संगठन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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