रायपुर, 2 अगस्त। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने युवाओं से लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रसिद्ध पुस्तक ‘श्रीमद्भगवद्गीता रहस्य’ पढ़ने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में जीवन को सही दिशा देने वाले ऐसे सिद्धांत मौजूद हैं, जो युवाओं को बेहतर निर्णय लेने और गलत रास्तों से बचने की प्रेरणा देते हैं।
अमित शाह ने यह बात पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को भगवद्गीता को लोकमान्य तिलक के दृष्टिकोण से समझना चाहिए। उनके अनुसार, ‘गीता रहस्य’ केवल आध्यात्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देने वाली महत्वपूर्ण रचना है।
गृह मंत्री ने कहा कि लोकमान्य तिलक के विचार और शिक्षाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितनी स्वतंत्रता आंदोलन के समय थीं। उन्होंने बताया कि तिलक ने गीता के सिद्धांतों को आम नागरिकों, छात्रों और युवाओं के दैनिक जीवन से जोड़कर समझाया था, जो आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करते रहेंगे।
अमित शाह ने लोकमान्य तिलक के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि सार्वजनिक गणेश उत्सव के माध्यम से तिलक ने समाज को एकजुट किया और लोगों में राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। उन्होंने तिलक के प्रसिद्ध नारे ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ को स्वतंत्रता आंदोलन की दिशा बदलने वाला संदेश बताया।
अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026
समारोह में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार-2026 से सम्मानित किया गया। अमित शाह ने डोभाल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनकी रणनीतिक सोच और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति समर्पण लोकमान्य तिलक की राष्ट्रवादी विचारधारा से मेल खाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और अजीत डोभाल की रणनीतिक भूमिका से भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। इससे वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि हुईं है।

