नई दिल्ली, 22 अक्टूबर। Annamalai On CJP: तमिलनाडु BJP के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने प्रदर्शनकारियों से निपटने के तरीकों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई, जंतर-मंतर को विरोध स्थल के तौर पर डी-नोटिफाई करने, प्रिवेंटिव डिटेंशन और दिल्ली पुलिस द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर चिंता जताई।
अन्नामलाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2011 में दिए गए एक बयान का भी जिक्र किया। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। उन्होंने रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर आधी रात को हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की थी।
अन्नामलाई के मुताबिक, उस समय मोदी ने कहा था कि अगर उनके हाथ बंधे नहीं होते, तो वे दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के खिलाफ जंग छेड़ देते। अन्नामलाई ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी राय में उस समय प्रधानमंत्री ने जो कहा था, वह बिल्कुल सही था।
NEET प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाने पर हमले का दावा
अन्नामलाई ने कहा कि लोकतंत्र में जब कोई कानून के उल्लंघन पर सवाल उठाता है, तो उसे आलोचना और हमलों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को विदेशी एजेंट तक का लेबल दे दिया जाता है।
उन्होंने दावा किया कि NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के संबंध में केंद्र सरकार से सवाल उठाने के बाद से उन पर लगातार हमले हो रहे हैं।
अन्नामलाई ने यह भी कहा कि संभव है कि कुछ लोग CJP की रणनीतियों से सहमत न हों या उसके कुछ सदस्यों को गुमराह मानते हों। हालांकि, उनके अनुसार, असहमति के बावजूद प्रदर्शनकारियों से निपटने के सरकारी तरीकों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक चर्चा का हिस्सा है।

