बिलासपुर, 05 सितम्बर। Bilaspur Loot Case: अपराधियों की एक गलती ने पूरी गैंग को पुलिस के शिकंजे में पहुंचा दिया। कोटा इलाके में लूट के माल के बंटवारे को लेकर गैंग के सदस्य आपस में भिड़ गए। मारपीट में घायल एक आरोपी शिकायत लेकर खुद थाने पहुंचा। पुलिस की पूछताछ में जुलाई में हुई दो लूट की वारदातों का खुलासा हो गया।
पुलिस ने मामले में मास्टरमाइंड समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए सोने के जेवर, वारदात में इस्तेमाल हथियार, कार, बाइक और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
रेलवे कर्मचारी से लूटा था कैश
पुलिस के मुताबिक, पहली वारदात 8 जुलाई को हुई थी। बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपए का कलेक्शन लेकर जा रहे एक रेलवे कर्मचारी को सलका डैम मोड़ के पास धक्का देकर उसका बैग लूट लिया गया था।
इसके बाद 18 जुलाई को आरोपियों ने कथित तौर पर बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में घुसकर लूट की। मारपीट और हथियार का डर दिखाकर करीब 50 हजार रुपए के सोने के जेवर लूट लिए गए।
झगड़े ने खोला लूट का राज
दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस संदिग्धों पर नजर रख रही थी। इसी बीच 2 सितंबर को कोटा पेट्रोल पंप के पास लूट के माल के बंटवारे को लेकर आरोपियों में विवाद हो गया और मारपीट हुई।
मारपीट में घायल एक आरोपी शिकायत लेकर थाने पहुंचा। पूछताछ के दौरान पुलिस को उसके बयानों से जुलाई में हुई दोनों लूट की वारदातों का सुराग मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और गैंग के बाकी सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।

