बिलासपुर, 24 अगस्त। Bilaspur News: कोटा न्यायालय में पदस्थ रहे एक कर्मचारी को सरकारी राशि के गबन और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में अदालत ने दोषी ठहराते हुए 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
सरकारी राशि जमा नहीं करने का था आरोप
मामला सरकारी राशि को निर्धारित प्रक्रिया के तहत कोषालय में जमा नहीं करने और रिकॉर्ड में हेरफेर से जुड़ा है। आरोपी विवेक पेशकार के पद पर पदस्थ था। आरोप था कि राशि से संबंधित दस्तावेजों में गड़बड़ी की गई और बैंक की फर्जी सील का इस्तेमाल कर कई दस्तावेज तैयार किए गए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। इसके बाद CGM कोर्ट ने उसे 7 वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
जेल ले जाते समय चेहरा छिपाता दिखा आरोपी
अदालत से सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल ले जाया गया। इस दौरान वह अपना चेहरा छिपाने की कोशिश करता नजर आया। इसी दौरान उसने एक मीडियाकर्मी का मोबाइल छीनने का भी प्रयास किया।

