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Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ में बस का सफर महंगा… किराए में भारी बढ़ोतरी

रायपुर, 14 अक्टूबर। Bus Fare Hike: छत्तीसगढ़ में यात्री बसों से सफर करने वालों को अब पहले से ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। राज्य में यात्री बसों के किराए में बढ़ोतरी की गई है। परिवहन विभाग की जारी अधिसूचना के मुताबिक, साधारण बसों में प्रति किलोमीटर किराया 1 रुपये से बढ़ाकर 1.75 रुपये कर दिया गया है। वहीं, शुरुआती 5 किलोमीटर के सफर का न्यूनतम किराया 8 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया है। इस फैसले का असर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

रायपुर से बिलासपुर और जगदलपुर का सफर हुआ महंगा

नई किराया दरों के बाद प्रमुख मार्गों पर यात्रियों को पहले से ज्यादा खर्च करना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार

डीलक्स, लग्जरी और एसी स्लीपर बसों के किराए में भी बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, वास्तविक किराया बस की श्रेणी, दूरी और लागू दरों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

एक साल के भीतर दूसरी बार बढ़ा किराया

जानकारी के मुताबिक, पिछले साल बसों का किराया 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर से घटाकर 1 रुपये किया गया था। इससे यात्रियों को राहत मिली थी। अब इसे बढ़ाकर 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर किए जाने से यात्रियों का खर्च फिर बढ़ जाएगा।

खासकर उन लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा, जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए नियमित रूप से बसों से सफर करते हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के मासिक बजट पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

बस संचालक क्यों कर रहे थे किराया बढ़ाने की मांग?

बस संचालक लंबे समय से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और बसों के रखरखाव का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में पुराने किराए पर बसों का संचालन करना मुश्किल हो रहा था। बस संचालकों ने किराया नहीं बढ़ाए जाने पर बसें खड़ी करने और हड़ताल करने की चेतावनी भी दी थी। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई किराया दरों से संबंधित अधिसूचना जारी की।

प्रदेश की करीब 5 हजार साधारण बसों पर यात्रियों की निर्भरता

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 13 हजार से अधिक बसें पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 5 हजार साधारण बसें बताई गई हैं। इन बसों से बड़ी संख्या में निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोग यात्रा करते हैं। किराया बढ़ने से दैनिक यात्रियों को हर दिन अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। वहीं, दूसरे शहरों में नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के लिए आने-जाने वाले लोगों के बजट पर भी असर पड़ेगा।

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