रायपुर, 1 अक्टूबर। CG Ayushman Yojana Fraud: आयुष्मान भारत योजना में कथित गड़बड़ियों को लेकर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर के दो निजी अस्पतालों, मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी और लोटस हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाने और कमीशनखोरी से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद की गई है।
17 अस्पतालों के दस्तावेजों की जांच जारी
मिली जानकारी के अनुसार, आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों द्वारा किए गए दावों और मरीजों के उपचार से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसी क्रम में रायपुर के दोनों अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।
वहीं, प्रदेश के 17 अन्य अस्पतालों के दस्तावेजों और क्लेम की जांच भी जारी है।
SCH हॉस्पिटल (बस्तर)
अशोक प्रसूति मंदिर (बिलासपुर)
केयर एन क्योर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (बिलासपुर)
मेहता चिल्ड्रन नर्सिंग होम (बिलासपुर)
श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (दुर्ग)
पल्स हॉस्पिटल (दुर्ग)
जय जगन्नाथ हेल्थ केयर (कबीरधाम)
नेताम हॉस्पिटल एंड इनफर्टिलिटी सेंटर (कोंडागांव)
हरि कृष्णा केयर हॉस्पिटल (कोरबा)
SRIMSR श्री रावतपुरा सरकार हॉस्पिटल (रायपुर)
श्री अनंत साईं हॉस्पिटल (रायपुर)
श्री महावीर हॉस्पिटल (रायपुर)
श्रीनिवास हॉस्पिटल (रायपुर)
SK केयर हॉस्पिटल (रायपुर)
विजन सेंटर आई हॉस्पिटल (रायपुर)
DHT केयर हॉस्पिटल (सरगुजा)
वरदान हॉस्पिटल (रायपुर)
जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग आगे की कार्रवाई कर सकता है।
आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य पात्र लोगों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। ऐसे में योजना के तहत किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए अस्पतालों के रिकॉर्ड और क्लेम की जांच की जा रही है।


