रायपुर, 05 सितम्बर| CG Breaking: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले में करीब 13 साल बाद बड़ा फैसला आया है। NIA की विशेष अदालत ने मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 10 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस फैसले पर पूरे प्रदेश की नजर थी।
25 मई 2013 को हुआ था हमला
25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर झीरम घाटी में नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत 27 लोगों की मौत हुई थी। घटना के बाद मामले की जांच NIA ने अपने हाथ में ली थी।
मामले में कुल 11 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन चलाया गया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में 101 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
10 आरोपियों को दोषी करार
अदालत ने मामले में 10 आरोपियों को दोषी ठहराया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक दोषी ठहराए गए आरोपियों में प्रमिला कोडियाम उर्फ ज्योति, बंजामी उर्फ सन्ना, अयाता मरकाम, मुक्का मंडावी, मड़ाकामी देवा, कवासी कोसा, चौतू उर्फ मुन्ना, कोसा कवासी, महादेव नाग और सुमित्रा शामिल हैं।
परिजनों की फैसले पर थी नजर
झीरम हमले में जान गंवाने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिजन लंबे समय से मामले में न्याय की उम्मीद लगाए हुए थे। अदालत के फैसले के बाद अब दोषियों को मिलने वाली सजा और आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।

