रायपुर, 05 सितम्बर। CG News: छत्तीसगढ़ को सेंट्रल इंडिया का बड़ा टेक्सटाइल और अपैरल हब बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश, रोजगार और आधुनिक तकनीक को लेकर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा दिया गया है। इसके तहत 1,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
नवा रायपुर में टेक्सटाइल यूनिट्स पर जोर
नवा रायपुर में टेक्सटाइल और अपैरल यूनिट्स स्थापित करने की प्रक्रिया को भी गति दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य केवल फैक्ट्रियां स्थापित करना नहीं, बल्कि डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और मार्केटिंग को जोड़कर एक मजबूत टेक्सटाइल इको-सिस्टम तैयार करना है।
कोसा सिल्क और पारंपरिक कला को मिलेगा नया बाजार
छत्तीसगढ़ की पहचान रहे चांपा के कोसा सिल्क और पारंपरिक वस्त्र कला को आधुनिक डिजाइन और बड़े बाजार से जोड़ने की भी तैयारी है। वहीं, NIFT की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन और टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आधुनिक तकनीक, नवाचार और कौशल विकास के क्षेत्र में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
सरकार का कहना है कि नई औद्योगिक नीति, नवा रायपुर में विकसित हो रहा टेक्सटाइल इको-सिस्टम और NIFT जैसे संस्थानों के जरिए आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ सेंट्रल इंडिया के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में उभर सकता है।

