Site icon AB News24.in

CG News: बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन… 8 और 9 अक्टूबर को देशभर के अधिकारी होंगे शामिल

जगदलपुर, 07 अक्टूबर। CG News: बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की ओर से 8 और 9 अक्टूबर को जगदलपुर में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के वरिष्ठ अधिकारी ‘सहकार से समृद्धि’ की कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता भारत सरकार के सहकारिता विभाग के सचिव आशीष कुमार भूटानी करेंगे।

सम्मेलन में अतिरिक्त सचिव एवं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के प्रबंध संचालक पंकज बंसल और भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव सिद्धार्थ जैन भी शामिल होंगे। छत्तीसगढ़ के सहकारिता सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना के अनुसार, सम्मेलन में 15 राज्यों के सचिव और 14 राज्यों के सहकारी समितियों के पंजीयक भाग लेंगे।

एम-पैक्स और दुग्ध समितियों पर होगा फोकस

दो दिवसीय सम्मेलन में मल्टीपर्पस प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (एम-पैक्स) और दुग्ध समितियों के गठन, एम-पैक्स के कंप्यूटरीकरण, डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल, भंडारण क्षमता बढ़ाने और सहकारी बैंकिंग को मजबूत करने जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

एम-पैक्स के माध्यम से उर्वरक वितरण और बहुराज्यीय सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय पर भी विचार किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान आगामी तीन महीनों के लिए कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर रहेगा।

सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

पहले दिन सहकारिता मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। विभिन्न राज्य एम-पैक्स और दुग्ध समितियों के गठन, सदस्यता बढ़ाने, डिजिटल सेवाओं और किसानों को ऋण उपलब्ध कराने से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगे।

अनाज भंडारण योजना, कारोबार में विविधता लाने और प्राथमिक समितियों को राष्ट्रीय निर्यात, जैविक और बीज सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर भी चर्चा होगी। दूसरे दिन नाबार्ड और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम आगामी पांच वर्षों के वित्तीय सहयोग और राज्यवार लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।

बस्तर की सहकारी समितियों का भी होगा भ्रमण

सम्मेलन में शामिल अधिकारी बस्तर की एम-पैक्स, लघु वनोपज और जनजातीय सहकारी समितियों का भ्रमण भी करेंगे। इससे क्षेत्र में सहकारिता के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों की आय और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों को समझने का अवसर मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में 515 नए एम-पैक्स गठित

‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में 515 नए एम-पैक्स, 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियां गठित की गई हैं। ‘सहकारिताओं में सहकार’ अभियान के तहत जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों में 3.18 लाख नए कृषकों के खाते खोले गए हैं।

राज्य के एम-पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी विकसित किया गया है। प्रदेश के 2,058 एम-पैक्स में उपलब्ध माइक्रो एटीएम से अब तक 324 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन किए जा चुके हैं।

गोदामों से बढ़ेगी भंडारण क्षमता

एम-पैक्स के लिए राज्य में 200 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जा रहे हैं। आरआईडीएफ योजना 2022 के तहत 725 एम-पैक्स में गोदामों का निर्माण किया गया है। वर्ष 2025 में 100 एम-पैक्स में नए गोदाम बनाने की योजना स्वीकृत की गई है। नवगठित 515 एम-पैक्स में भी गोदाम निर्माण प्रस्तावित है।

विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना के तहत राज्य के 46 एम-पैक्स का चयन किया गया है। इनमें 20 के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है, 9 को एएमआई सब्सिडी मिल चुकी है और 6 में निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं से जुड़ रहे एम-पैक्स

राज्य में उपार्जन के लिए एनसीसीएफ को 14 और नाफेड को 15 जिलों में एजेंसी बनाया गया है। एनसीसीएफ में राज्य के 2,058 और नाफेड में 412 एम-पैक्स का पंजीयन हुआ है।

इसके अलावा 1,681 एम-पैक्स को राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, 1,633 को राष्ट्रीय जैविक सहकारी समिति और 1,746 को भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता मिली है।

एथेनॉल संयंत्रों से मूल्य संवर्धन और रोजगार को बढ़ावा

कोंडागांव में 80 केएलपीडी क्षमता का एथेनॉल संयंत्र स्थानीय मक्का के उपार्जन और रोजगार सृजन में योगदान दे रहा है। वहीं भोरमदेव में पीपीपी मॉडल पर संचालित 80 केएलपीडी संयंत्र सहकारी शक्कर कारखाने के लिए आय का स्रोत बना है।

पंडरिया, अंबिकापुर और बालोद में तीन अन्य एथेनॉल संयंत्रों की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। इन परियोजनाओं से कृषि उपज के मूल्य संवर्धन, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Exit mobile version