रायपुर, 07 सितम्बर। CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और जरूरतों के अनुरूप तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना नहीं है। सरकार का फोकस बस्तर की कृषि, पर्यटन, पशुपालन और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को बढ़ावा देने पर है।
अब क्षेत्र में शांति का माहौल बनने के साथ दूर-दराज के इलाकों तक विकास पहुंचाने का काम तेज हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि नक्सलवाद खत्म करने के पीछे सरकार का मकसद बड़े उद्योगों को बढ़ावा देना है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर का भविष्य वहां की जनता की इच्छा और जरूरतों के अनुसार ही तय होगा। सरकार क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रही है।
उन्होंने बताया कि बस्तर में कृषि को मजबूत करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने पर सरकार का विशेष ध्यान है। शांति स्थापित होने के बाद शिक्षा, रोजगार और विकास के अवसर भी दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाए जा रहे हैं।
‘विष्णु भैया’ कहलाना सबसे बड़ा सौभाग्य
महिलाओं द्वारा उन्हें ‘विष्णु भैया’ कहकर पुकारे जाने पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। उन्होंने कहा कि बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है और यही उन्हें जनसेवा के लिए प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भाई के रूप में प्रदेश की महिलाओं की सेवा, सुरक्षा और खुशहाली उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान और सुरक्षा के लिए भी लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और फैसलों के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है। बस्तर के विकास से लेकर महिलाओं के सशक्तीकरण तक सरकार का लक्ष्य ऐसा विकास करना है, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय जरूरतों का सम्मान हो और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

