रायपुर, 31 अगस्त। CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है, तो परिवार, समाज और पूरा देश आगे बढ़ता है। महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समान अवसर और आर्थिक स्वावलंबन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित ‘नारी शक्ति सम्मान समारोह’ को संबोधित कर रहे थे।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला एवं संस्कृति, कृषि, महिला उद्यमिता, सामाजिक सेवा और महिला सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति सम्मान समारोह पर आधारित ब्रोशर का विमोचन भी किया।
सम्मानित महिलाएं बेटियों के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने सम्मानित महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि इन महिलाओं ने अपने परिश्रम, प्रतिभा, साहस और संकल्प से अलग-अलग क्षेत्रों में पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा हैं, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं खेती-किसानी से लेकर उद्यमिता, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और आधुनिक तकनीक तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।
महिला आयोग न्याय के साथ जागरूकता का भी बने माध्यम
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारी मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि डॉ. साहू के नेतृत्व में आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और जरूरतमंद महिलाओं तक कानूनी सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग की भूमिका केवल शिकायतों के निराकरण तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आयोग को गांवों, कस्बों, जनजातीय और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके कानूनी एवं संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक स्वावलंबन उनके सशक्तिकरण की मजबूत नींव है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना की 31 किस्तें महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि यह राशि महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम बनी है। महिलाएं इसका उपयोग अपनी जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और स्वरोजगार से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं। सिलाई-कढ़ाई, कृषि एवं वनोपज आधारित गतिविधियों, लघु उद्योग और स्वरोजगार के साथ महिलाएं अब ड्रोन संचालन जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल, पूंजी, बाजार और तकनीक से जोड़कर उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य प्रदेश की मातृशक्ति के योगदान को सम्मान देना और महिलाओं के लिए नए अवसरों का सृजन करना है।
उन्होंने बताया कि सरस्वती साइकिल योजना के जरिए बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं ‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ पहल के तहत प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
महिला स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बैठक और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहतर स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में 481 महतारी सदनों का निर्माण किया जा रहा है। रेडी-टू-ईट कार्यक्रम का संचालन भी महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जा रहा है।
महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के आर्थिक अधिकारों को मजबूत बनाने के लिए उनके नाम पर जमीन और संपत्ति के पंजीयन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। महिलाओं के नाम संपत्ति होने से उनका आर्थिक आधार मजबूत होता है और परिवार में उनकी निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है। बेटियों को अच्छी शिक्षा, युवतियों को रोजगार और उद्यमिता के अवसर, महिलाओं को सुरक्षा-सम्मान और जरूरत पड़ने पर त्वरित न्याय उपलब्ध कराना जरूरी है।
मंत्रियों ने भी महिला सशक्तिकरण पर दिया जोर
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महिला आयोग पीड़ित और जरूरतमंद महिलाओं के लिए आशा, विश्वास और न्याय का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने डॉ. ममता साहू को शुभकामनाएं देते हुए आयोग के प्रभावी कार्य की उम्मीद जताई।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी डॉ. ममता साहू को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना परिवार, समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रजत उत्सव दिवस मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों की महिलाएं मौजूद रहीं।

