रायपुर, 23 अगस्त। CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता से भरपूर बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। अब क्षेत्र में शांति और विकास का माहौल बन रहा है, ऐसे में बस्तर को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास में लेह-लद्दाख के अध्ययन एवं एक्सपोजर विजिट से लौटे पत्रकारों से मुलाकात के दौरान कही। उन्होंने पत्रकारों से उनके भ्रमण के अनुभव सुने और बस्तर के पर्यटन विकास में मीडिया की भूमिका पर चर्चा की।
सीएम साय ने कहा कि बस्तर के घने जंगल, झरने, नदियां, पहाड़ और गुफाएं पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इसके साथ ही यहां की जनजातीय संस्कृति, लोककला, हस्तशिल्प, खान-पान और परंपराएं भी बेहद खास हैं। जरूरत है कि इन खूबियों को देश और दुनिया के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक बस्तर की पहचान नक्सलवाद और हिंसा की घटनाओं से जुड़ी रही, जिससे इसकी असली खूबसूरती और सांस्कृतिक पहचान पीछे छूट गई। अब हालात बदल रहे हैं और शांति के माहौल ने बस्तर के विकास और पर्यटन के नए रास्ते खोले हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और विकास की सकारात्मक कहानियां देश के सामने लाने में पत्रकार महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब बस्तर को नक्सलवाद के बजाय प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास के लिए पहचाना जाना चाहिए।
सीएम साय ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से स्थानीय स्तर पर होटल, होम-स्टे, परिवहन, गाइड, खान-पान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसका सबसे ज्यादा फायदा स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है। साथ ही बस्तर के हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को भी बड़ा बाजार मिलेगा।
लेह-लद्दाख का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक और भौगोलिक रूप से खास क्षेत्रों में व्यवस्थित पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर में शांति और विकास के साथ पर्यटन की संभावनाओं को भी लगातार बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

