रायपुर, 07 अगस्त| CG News: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही समाप्त करने की मांग की थी।
मामला वर्ष 2023 के पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय बघेल ने आरोप लगाया है कि मतदान से पहले लागू 48 घंटे के साइलेंस पीरियड के दौरान भूपेश बघेल ने रोड शो किया, जो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का उल्लंघन है।
सुप्रीम कोर्ट में भूपेश बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि यदि रोड शो हुआ भी, तो यह चुनावी अपराध हो सकता है, लेकिन इसे “भ्रष्ट आचरण” नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि रोड शो का चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, क्योंकि जीत का अंतर करीब 20 हजार वोटों का था।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि चुनाव परिणाम पर प्रभाव पड़ा या नहीं, इसका फैसला ट्रायल के दौरान सबूतों के आधार पर होगा। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि भूपेश बघेल हाईकोर्ट में ट्रायल के दौरान अपने सभी कानूनी और तथ्यात्मक तर्क रखने के लिए स्वतंत्र रहेंगे।

