Site icon AB News24.in

CG News: CM विष्णुदेव साय बोले- 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का लक्ष्य

रायपुर, 19 सितंबर। CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2026’ में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में सक्षम है। राज्य के पास खनिज, बिजली, उद्योग और कुशल मानव संसाधन जैसे पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 की तर्ज पर ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के लिए सरकार ने विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है और इसके आधार पर मिशन मोड में काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ वर्तमान में देश के करीब 20 प्रतिशत स्टील और कोयले का उत्पादन करता है। राज्य ने वर्ष 2030 तक स्टील उत्पादन को 45 मिलियन टन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

साय ने कहा कि प्रदेश में अभी करीब 30 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। एनर्जी समिट में करीब 3.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता को 60 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य है।

नई औद्योगिक नीति से निवेश को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कोर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को पूंजी निवेश, ब्याज और तकनीक खरीद पर सब्सिडी के साथ स्टांप ड्यूटी में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। पावर, आईटी, स्टील, टेक्सटाइल, फार्मा और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नई उद्योग नीति के तहत अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

बस्तर को नक्सलवाद नहीं, पर्यटन और संस्कृति से पहचान दिलाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक माओवाद और हिंसा के कारण चर्चा में रहा, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। बस्तर प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और जैव विविधता के कारण इको-टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में उभर सकता है।

उन्होंने कहा कि सड़क, संचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं के विस्तार के साथ पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के माध्यम से बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और पर्यटन स्थलों की सकारात्मक कहानियां सामने आने से लोगों की धारणा बदल सकती है।

साय ने कहा कि बस्तर की पहचान अब नक्सलवाद से नहीं बल्कि प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और विकास से होनी चाहिए। पर्यटन बढ़ने से होटल, होम-स्टे, परिवहन, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और गाइड सेवाओं में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इसका लाभ खास तौर पर स्थानीय युवाओं और महिलाओं को मिल सकता है।

लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को बताया बड़ी ताकत

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य भारत में छत्तीसगढ़ की भौगोलिक स्थिति, 3,500 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और तेजी से विकसित हो रहे रेल नेटवर्क के कारण राज्य लॉजिस्टिक्स के लिए उपयुक्त है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए लॉजिस्टिक्स नीति भी तैयार की है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

Exit mobile version