रायपुर, 24 अगस्त। CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘जशपुर : एक परिचय’ का विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के इतिहास, प्रशासनिक विकास, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा, सामाजिक-आर्थिक बदलाव और विकास की संभावनाओं पर आधारित व्यापक अध्ययन है।
मुख्यमंत्री ने पुस्तक के प्रकाशन के लिए भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जशपुर प्रकृति, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध विरासत वाला क्षेत्र है, जहां विकास की भी अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
जशपुर की खासियतों को पुस्तक में किया गया शामिल
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जशपुर की पहचान इसके पहाड़ों, घाटियों, नदियों, जलप्रपातों और घने वनों के साथ-साथ समृद्ध जनजातीय संस्कृति से भी है। पुस्तक में जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और आजादी के बाद हुए बदलावों के साथ विकास यात्रा को भी दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की विकास यात्रा को समझने के लिए उसके इतिहास, समाज, संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और प्रशासनिक व्यवस्था का अध्ययन जरूरी है। ‘जशपुर एक परिचय’ इसी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
पर्यटन और रोजगार की बड़ी संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर में प्राकृतिक पर्यटन की बड़ी संभावनाएं हैं। पहाड़, जंगल, नदियां, जलप्रपात और घाटियां पर्यटकों को आकर्षित कर सकती हैं। इसके अलावा जनजातीय जीवन, लोक संस्कृति, पारंपरिक कला और स्थानीय खान-पान भी जशपुर को अलग पहचान देते हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि, वनोपज, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और महिला व युवा उद्यमिता को बढ़ावा देकर जिले की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है। विकास के साथ स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा का संरक्षण भी जरूरी है।
जशपुर को अध्ययन के लिए क्यों चुना गया?
भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के राष्ट्रीय अभियान के तहत क्षेत्रीय शाखाओं को संबंधित राज्यों के कम से कम एक जिले का व्यापक अध्ययन करने का प्रोजेक्ट दिया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय शाखा ने प्रदेश के 33 जिलों में से जशपुर का चयन किया।
पुस्तक में जशपुर के प्रशासन और विकास के साथ उसकी भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विशेषताओं का अध्ययन किया गया है। इसमें सरकारी विभागों से प्राप्त आंकड़ों, जनगणना 2011, विभिन्न रिपोर्टों और प्रकाशित सामग्री का उपयोग किया गया है।
जिला प्रशासन और विकास पर भी फोकस
पुस्तक में बताया गया है कि यह पारंपरिक जिला गजेटियर नहीं, बल्कि जशपुर के विभिन्न पहलुओं को समेटने वाला समग्र दस्तावेज है। वर्ष 1998 में अलग जिला बनने से पहले जशपुर रायगढ़ जिले की एक तहसील था।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पुस्तक प्रशासकों, नीति-निर्माताओं, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री साबित होगी और जशपुर के इतिहास, संस्कृति, प्रशासन तथा विकास की संभावनाओं पर आगे के शोध को बढ़ावा देगी।
इस अवसर पर भारतीय लोक प्रशासन संस्थान की छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय शाखा रायपुर के चेयरमैन एवं पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, वाइस चेयरमैन एवं पूर्व अपर मुख्य सचिव डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा वाइस चेयरमैन, पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह उपस्थित रहे।

