रायपुर, 3 अगस्त। CG News: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में ‘प्रयास आवासीय विद्यालय’ के NEET-2026 परीक्षा में सफल विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। दूरस्थ, गरीब और आदिवासी समुदाय से आने वाले इन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की सफलता पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई यह सफलता पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉक्टर समाज में भगवान के बाद दूसरा स्थान रखते हैं। इसलिए वे केवल अच्छे चिकित्सक ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और व्यवहारिक इंसान भी बनें और सेवा भाव के साथ मरीजों का इलाज करें।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रदेशभर में 34 नए ‘नालंदा परिसर’ विकसित किए जा रहे हैं, जहां 24×7 ऑनलाइन और ऑफलाइन अध्ययन की सुविधा मिलेगी। साथ ही दिल्ली स्थित ट्रायबल यूथ हॉस्टल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है। इसी हॉस्टल से इस वर्ष 13 विद्यार्थियों ने UPSC प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हासिल की है।
स्वास्थ्य सुविधाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और 5 नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इससे MBBS की 250 अतिरिक्त सीटें बढ़ेंगी, जिससे प्रदेश के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे।
खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की नई खेल नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जशपुर में ₹67 करोड़ की लागत से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ₹60 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। नई नीति के तहत ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को ₹3 करोड़, रजत पदक पर ₹2 करोड़ और कांस्य पदक पर ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 को प्रदेश के पूर्णतः नक्सलमुक्त होने के बाद बस्तर और सरगुजा में पर्यटन की नई संभावनाएं खुली हैं। उन्होंने बताया कि यूएन ने धुड़मारास को दुनिया के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल किया है, जिससे प्रदेश की पर्यटन पहचान और मजबूत होगी।
सुशासन और तकनीक के क्षेत्र में सरकार की पहल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए CM हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। जल्द ही मुख्यमंत्री डैशबोर्ड भी लागू किया जाएगा, जिसके माध्यम से स्कूलों, अस्पतालों और अन्य सरकारी सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से की जाएगी।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षा, रोजगार, राजनीति और खेल से जुड़े कई सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्षों और अनुभवों को साझा करते हुए उनके सवालों के सहज और प्रेरणादायक जवाब दिए। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और समाज सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

