कांकेर, 30 जुलाई। CG News: छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड में शिक्षा के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिल रही है। यहां कई शिक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर रोज उफनती कोटरी नदी को नाव के सहारे पार करते हैं, ताकि दूरस्थ गांवों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
लगातार हो रही बारिश के कारण कोटरी नदी उफान पर है। तेज बहाव और खराब मौसम के बावजूद शिक्षक प्रतिदिन नाव से नदी पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। हर दिन उनके सामने नई चुनौतियां खड़ी होती हैं, लेकिन बच्चों की शिक्षा के प्रति उनका समर्पण उन्हें पीछे नहीं हटने देता।
बरसात के दिनों में क्षेत्र के कई गांव मुख्य मार्गों से कट जाते हैं, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ऐसे हालात में भी शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। उनका यह जज्बा न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि समाज के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है।
स्थानीय लोग शिक्षकों की इस निष्ठा और समर्पण की सराहना कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सुरक्षित आवागमन के लिए स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है। वहीं, शिक्षकों का मानना है कि यदि कोटरी नदी पर पुल का निर्माण हो जाए या कोई वैकल्पिक सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए, तो विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों की परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं।
शिक्षकों का यह समर्पण बताता है कि विपरीत परिस्थितियां भी शिक्षा की अलख को कमजोर नहीं कर सकतीं। बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए उनका यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है।

