रायपुर, 12 सितम्बर। CG Sports News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री साय ने रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी और जनरल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
उद्योग समूहों को खेल संघों से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सहयोग से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, प्रतियोगिताओं के आयोजन और खेल अधोसंरचना के विस्तार में मदद मिल सकती है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को संघ के साथ समन्वय की जिम्मेदारी देने की बात भी कही। इससे खेल संघों की जरूरतों और प्रस्तावों पर शासन स्तर पर तेजी से कार्रवाई हो सकेगी।
रायपुर और पंडरापाठ में बनेंगी आर्चरी अकादमी
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी बनाई जा रही है। इसके अलावा जशपुर के पंडरापाठ में करीब 20 से 25 करोड़ रुपये की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि जशपुर और आसपास के वनांचलों में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा मौजूद है। खासकर पहाड़ी कोरवा समुदाय में तीरंदाजी परंपरा से जुड़ी हुई है। नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से सामने आ रही प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा में खेल प्रतिभाओं की बड़ी संभावनाएं हैं। बस्तर ओलंपिक का आयोजन हर वर्ष किया जाएगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। वहीं सरगुजा ओलंपिक के जरिए भी खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि खेल उत्कर्ष मिशन के माध्यम से प्रदेशभर की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि खिलाड़ी चाहे बड़े शहर से हो या किसी दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
खेल अलंकरण की दोबारा शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ करेगा 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी का प्रयास
बैठक में 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है और अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि छत्तीसगढ़ को नेशनल गेम्स की मेजबानी मिलती है, तो इसके कुछ आयोजनों को बस्तर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है। इससे प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़े मंच के साथ बस्तर के बदलते स्वरूप को देश-दुनिया के सामने रखने का अवसर मिलेगा। बैठक में अन्य जिलों में जिला ओलंपिक संघ गठित करने, खेल गतिविधियों के विस्तार और आगामी आयोजनों को लेकर भी चर्चा की गई।
बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप,ओलम्पिक संघ के उपाध्यक्ष श्री विजय बघेल, डॉ. हिमांशु द्विवेदी, श्री शरद शुक्ला, श्री रमेश कुमार श्रीवास्तव और श्री सुनील कुमार अग्रवाल समेत छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, विभिन्न खेल संघों के प्रतिनिधि एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।

