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Chaitanya Granted Bail : 6 महीने जेल में बिताने के बाद चैतन्य बघेल की रिहाई…! हाई कोर्ट ने दी ज़मानत

बिलासपुर, 03 जनवरी। Chaitanya Granted Bail : शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बिलासपुर हाई कोर्ट ने चैतन्य बघेल को ईओडब्ल्यू-एसीबी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े मामलों में जमानत दे दी है। चैतन्य बघेल बीते करीब 6 महीने से जेल में बंद थे।

चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के आरोपों में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी उनके जन्मदिन के दिन भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापेमारी के दौरान की गई थी।

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और चैतन्य बघेल (Chaitanya Granted Bail) ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसमें सीबीआई और ईडी की जांच की अधिकारिता को चुनौती दी गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह दी थी। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह भी कहा गया था कि यदि PMLA कानून की वैधानिकता को चुनौती देनी है तो इसके लिए अलग याचिका दायर करनी होगी।

ED का आरोप

तीन दिन पहले ED ने स्पेशल कोर्ट में सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल की थी। इसमें 2019 से 2023 के बीच छत्तीसगढ़ की शराब नीति के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए एक संगठित आपराधिक सिंडिकेट के संचालन का दावा किया गया है। ED के मुताबिक 15 जिलों को टारगेट कर नकली होलोग्राम के जरिए बड़ी मात्रा में शराब की अवैध बिक्री कराई गई और करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाया गया।

ED ने इस कथित सिंडिकेट में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लन, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा, चैतन्य बघेल, सौम्या चौरसिया और निरंजन दास सहित कई नामों का उल्लेख किया है। आरोप है कि पूरा नेटवर्क अवैध कमीशन, बेहिसाब शराब बिक्री और लाइसेंस के जरिए वसूली पर आधारित था।

ED की चार्जशीट के अनुसार, तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों पर नीति में हेरफेर कर गिरोह के संचालन को सुचारू बनाने का आरोप है, जबकि निजी शराब निर्माताओं और सहयोगियों की भूमिका भी घोटाले में बताई गई है।

हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद चैतन्य बघेल (Chaitanya Granted Bail) के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है, हालांकि मामले की न्यायिक प्रक्रिया और सुनवाई आगे जारी रहेगी।

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