रायपुर, 15 सितम्बर।Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने आयुष विश्वविद्यालय के नियंत्रण से इन पाठ्यक्रमों को हटाकर निजी विश्वविद्यालयों को सौंपे जाने की कथित कवायद का विरोध किया है।
डॉ. महंत ने इस संबंध में राज्यपाल को पत्र लिखकर प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने और मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आयुष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद पहले ही इस प्रस्ताव पर असहमति जता चुकी है। ऐसे में इसके बावजूद प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं है।
निजीकरण से महंगी हो सकती है शिक्षा
महंत ने दावा किया कि चिकित्सा और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों को निजी विश्वविद्यालयों के नियंत्रण में देने से शिक्षा महंगी हो सकती है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने परीक्षा और मूल्यांकन की पारदर्शिता के साथ-साथ डिग्री की विश्वसनीयता को लेकर भी सवाल उठाए हैं। महंत ने राज्यपाल से पूरे मामले में हस्तक्षेप करते हुए कथित प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।

