रायपुर, 19 सितंबर। Chhattisgarh: झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने शनिवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि पार्टी इस मामले को लेकर तीन बड़े कदम उठाएगी। कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात, पीड़ित परिवारों के साथ दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस और NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई इनमें शामिल हैं।
आलाकमान से मुलाकात करेगी कांग्रेस
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस जल्द ही पार्टी के आलाकमान से समय लेकर वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकात करेगी। इस दौरान झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
बैज के मुताबिक, NIA कोर्ट के फैसले से पीड़ित और शहीद परिवार संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि 13 साल बाद भी परिवार न्याय की उम्मीद लगाए हुए हैं और फैसले के बाद भी उनका दर्द कम नहीं हुआ है। ये कांग्रेस की ओर से व्यक्त किए गए विचार हैं।
दिल्ली में पीड़ित परिवारों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस ने इस मामले को दिल्ली में भी उठाने का फैसला किया है। पार्टी पीड़ित और शहीद परिवारों के साथ बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि झीरम घाटी मामले से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा।
NIA कोर्ट के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई
बैज ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी। वरिष्ठ नेताओं और पीड़ित परिवारों से चर्चा के बाद वरिष्ठ वकीलों से कानूनी राय ली जाएगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
कांग्रेस ने NIA कोर्ट के फैसले में कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि मामले में केवल निचले स्तर पर काम करने वाले लोगों पर कार्रवाई हुई, जबकि घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई। यह कांग्रेस का आरोप है, जिसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।
NIA कोर्ट ने 10 दोषियों को सुनाई है सजा
NIA के अनुसार, जगदलपुर की विशेष अदालत ने 16 सितंबर 2026 को झीरम घाटी हमले के मामले में CPI (Maoist) से जुड़े 10 आरोपी कैडरों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
कांग्रेस का कहना है कि वह पीड़ित और शहीद परिवारों के लिए आगे भी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर इस मामले को उठाती रहेगी।

