रायपुर, 20 सितम्बर। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के शहरों को स्वच्छ, सुंदर, हरित और नागरिक सुविधाओं से युक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मिशन अमृत 2.0 के तहत अहिवारा, मुंगेली और कांकेर नगर पालिका क्षेत्रों में आधुनिक उद्यान विकसित किए जाएंगे। तीनों उद्यानों के निर्माण के लिए कुल 7 करोड़ 29 लाख 24 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों को बेहतर और सुविधायुक्त जीवन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इन उद्यानों में हरियाली के साथ बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, युवाओं और नागरिकों के लिए ओपन जिम, पाथवे, बैठने और विश्राम की व्यवस्था जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
तीनों उद्यानों में कुल 8,732 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और वर्षा जल संचयन जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी। निर्माण कार्य को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के बाद पांच वर्षों तक चयनित एजेंसी द्वारा उद्यानों का संचालन और संधारण किया जाएगा।
अहिवारा में 2.07 करोड़ से बनेगा उद्यान
अहिवारा नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-01 स्थित शीतला मंदिर क्षेत्र में 0.52 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित होगा। इसके लिए 2 करोड़ 7 लाख 48 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यहां करीब 2,115 पौधे लगाए जाएंगे। बच्चों के खेल क्षेत्र, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा होगी।
मुंगेली में 3.52 करोड़ से बनेगा सबसे बड़ा उद्यान
मुंगेली के पेंड्राकांपा स्थित महाराणा प्रताप वार्ड में 3.08 एकड़ क्षेत्र में उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 52 लाख 32 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। यहां करीब 4,453 पौधे लगाए जाएंगे। उद्यान में प्ले-एरिया, खेल उपकरण, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो, प्रकाश व्यवस्था और वर्षा जल संचयन की सुविधा होगी।
कांकेर में 1.69 करोड़ से बनेगा आधुनिक पार्क
कांकेर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक-09 श्रीराम नगर में 0.72 एकड़ भूमि पर उद्यान विकसित किया जाएगा। इसके लिए 1 करोड़ 69 लाख 44 हजार रुपए की स्वीकृति मिली है। यहां करीब 2,164 पौधे लगाए जाएंगे। बच्चों के लिए प्ले-इक्विपमेंट, ओपन जिम, पाथवे, बैठने की व्यवस्था, सोलर लाइट, टॉयलेट ब्लॉक, गज़ेबो और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल अधोसंरचना तैयार करना नहीं, बल्कि उसका लंबे समय तक बेहतर रख-रखाव सुनिश्चित करना भी है। वहीं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने अधिकारियों को निर्माण कार्य गुणवत्ता, पारदर्शिता और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

