रायपुर, 13 अगस्त। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ शासन और भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इंडस्ट्री डायलॉग ऑन ग्रीन स्टील’ में प्रदेश को ₹13,840 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं से करीब 10,921 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्टील और खनन छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान की मजबूत नींव हैं। अब सरकार का लक्ष्य केवल स्टील उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश में उत्पादित स्टील का अधिक से अधिक वैल्यू एडिशन छत्तीसगढ़ में ही करना है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का स्टील बाहर भेजने के बजाय यहीं ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग उत्पाद, रेलवे, रक्षा और सौर ऊर्जा उपकरणों जैसे डाउनस्ट्रीम और स्पेशियलिटी उत्पादों में बदला जाए। इससे निवेश के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ग्रीन स्टील पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से ग्रीन स्टील की ओर बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ ने भी इस बदलाव को समय रहते अपनाया है। प्रदेश में 26 हजार मेगावाट से अधिक बिजली उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक बिजली दरें ऊर्जा आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करती हैं।
साय ने बताया कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद प्रदेश में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। पिछले 18 महीनों में करीब ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव छत्तीसगढ़ को मिले हैं। इनमें स्टील और खनन के साथ AI और डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे नए क्षेत्रों के प्रस्ताव भी शामिल हैं।
चार नए औद्योगिक पार्कों को मंजूरी
सरकार औद्योगिक विकास को रायपुर-भिलाई तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के दूसरे जिलों तक पहुंचाने पर भी जोर दे रही है। राजनांदगांव, धमतरी, जांजगीर-चांपा और बस्तर में चार नए औद्योगिक पार्क स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं, राजनांदगांव में करीब 306 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) को केंद्र सरकार से मंजूरी मिली है। इससे बड़े निवेश के साथ करीब 9 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि राज्य में नीतियां स्पष्ट और प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं। सरकार का उद्देश्य रेड टेप को खत्म कर निवेशकों को तय समय-सीमा में अनुमतियां उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि ग्रीन स्टील और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग के जरिए छत्तीसगढ़ अपनी खनिज संपदा को अधिक मूल्य, निवेश और रोजगार में बदलने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


