रायपुर, 09 अक्टूबर। Chhattisgarh News: जीएसटी को लेकर व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर है। 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने और कारोबारियों पर कानूनी बोझ कम करने के लिए कई अहम सुधारों की सिफारिश की गई है। छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इन प्रस्तावों को व्यापार सुगमता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
गिरफ्तारी और जुर्माने के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के मुताबिक, जीएसटी कानून की धारा 69 के तहत गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने और अभियोजन की सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही सामान्य जुर्माने की अधिकतम राशि 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।
इन बदलावों का उद्देश्य छोटी प्रक्रियागत गलतियों के कारण व्यापारियों को होने वाली परेशानी कम करना है। हालांकि, ये फिलहाल परिषद की सिफारिशें हैं और इन्हें लागू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
मालवाहक वाहनों की जांच में भी राहत
ई-वे बिल की जांच प्रक्रिया को लेकर भी बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत मालवाहक वाहनों को रोकने के लिए ठोस सूचना और संयुक्त आयुक्त या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति जरूरी करने की सिफारिश की गई है। साथ ही, रास्ते में पड़ने वाले राज्यों में सामान्य जांच के नाम पर वाहनों को रोकने की प्रक्रिया पर अंकुश लगाने का प्रस्ताव है।
रिफंड और जीएसटी पंजीयन होंगे आसान
जीएसटी परिषद ने इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा अतिरिक्त राशि का रिफंड स्वतः जारी करने और पात्र निर्यातकों व उलटे शुल्क ढांचे वाले मामलों में 90 प्रतिशत तक अस्थायी रिफंड देने की सिफारिश की है। रिफंड आवेदन की शुरुआती प्रक्रिया की समय-सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
इसके अलावा, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के जीएसटी पंजीयन को आसान बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट का दायरा बढ़ाने जैसे कदमों पर भी जोर दिया गया है।
इन प्रस्तावों के लागू होने से कारोबारियों को टैक्स संबंधी प्रक्रियाओं में राहत मिल सकती है। साथ ही, छोटे व्यापारियों की लागत और अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है।

