बिलासपुर, 22 अगस्त। Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में बिलासपुर जिले के बिल्हा ब्लॉक से बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जांच में शिक्षा विभाग से जुड़े 11 अपात्र हितग्राहियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने पात्रता नहीं होने के बावजूद योजना का लाभ लिया।
बताया गया है कि इनमें कुछ हितग्राहियों के पति या स्वयं शासकीय सेवा में शिक्षक और कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू करते हुए गलत तरीके से ली गई योजना की राशि की वसूली के निर्देश दिए हैं।
1.24 लाख रुपये की होगी रिकवरी
एकीकृत बाल विकास परियोजना, बिल्हा की जांच में 11 ऐसे हितग्राहियों की पहचान की गई। इनकी जानकारी बीईओ, बिल्हा को भेजी गई है। जांच के अनुसार, इन अपात्र हितग्राहियों के खातों में योजना के तहत कुल 1 लाख 24 हजार रुपये की राशि भेजी गई थी।
अब संबंधित हितग्राहियों से इस पूरी राशि की रिकवरी की जाएगी।
सरकारी कर्मचारियों के परिवारों ने लिया लाभ
मामले में सामने आए हितग्राहियों में ऐसे परिवार शामिल हैं, जहां पति या स्वयं संबंधित व्यक्ति शासकीय शिक्षक, सहायक शिक्षक या अन्य शासकीय पद पर कार्यरत हैं। प्रशासन की जांच में इन्हें योजना के लिए अपात्र माना गया है।
राशि जमा नहीं करने पर वेतन से होगी वसूली
बिल्हा के बीईओ भूपेंद्र कौशिक ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अपात्र हितग्राहियों की पहचान की गई है। संबंधित लोगों को राशि वापस जमा करने के लिए आदेश जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित राशि जमा नहीं की जाती है, तो नियमानुसार वेतन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।

