नई दिल्ली, 31 जुलाई। Chhattisgarh Rail Projects Expansion: छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार और अधोसंरचना विकास को नई गति देने की दिशा में शुक्रवार को नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य मुलाकात कर प्रदेश की लंबित रेल परियोजनाओं, नई रेल लाइनों और अधोसंरचना विस्तार से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और सांसद संतोष पांडे भी मौजूद रहे।
बैठक में 295 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष चर्चा हुई। यह परियोजना रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के तहत गठित स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके निर्माण से कटघोरा, करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ जैसे क्षेत्रों को पहली बार सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास और आवागमन को नई गति मिलेगी।
बैठक में बस्तर अंचल के लिए महत्वपूर्ण 140 किलोमीटर लंबी रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आने की उम्मीद है।
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किमी), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किमी) और अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किमी) रेल परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया। रेल मंत्री ने इन परियोजनाओं के प्रति सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द स्वीकृति का आश्वासन दिया।
बैठक में किरंदुल-कोत्तागुडेम तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल रेल लाइनों के सर्वे कार्य को शीघ्र पूरा करने पर भी सहमति बनी। इन परियोजनाओं के पूरा होने से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में बेहतर रेल संपर्क स्थापित होगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के सभी क्षेत्रों को बेहतर रेल सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

