Chhattisgarh sports news: रायपुर में खुलेगी विश्वस्तरीय बैडमिंटन अकादमी… पुलेला गोपीचंद देंगे प्रशिक्षण

Chhattisgarh sports news: रायपुर में खुलेगी विश्वस्तरीय बैडमिंटन अकादमी… पुलेला गोपीचंद देंगे प्रशिक्षण

रायपुर,11 अक्टूबर। Chhattisgarh sports news: छत्तीसगढ़ में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में विश्वस्तरीय बैडमिंटन अकादमी शुरू करने की पहल की जा रही है। पद्म भूषण सम्मानित बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद के मार्गदर्शन में शुरू होने वाली इस अकादमी से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है।

मुख्यमंत्री रायपुर के जोरा में सेंध लेक सिटी और इलेशियम क्लब्स की साझेदारी घोषणा एवं अनुबंध हस्ताक्षर समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नवा रायपुर में प्रस्तावित विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स क्लब का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं। इसलिए खेलों में निवेश प्रदेश के भविष्य में निवेश है।

बस्तर ओलंपिक में 3.91 लाख खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पहले वर्ष में करीब 1.65 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि दूसरे वर्ष यह संख्या बढ़कर लगभग 3.91 लाख हो गई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की बढ़ती भागीदारी बस्तर में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि दूरस्थ गांवों के खिलाड़ियों को भी बड़े शहरों के खिलाड़ियों की तरह बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के अवसर मिलें। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक जीतने वाली ज्ञानेश्वरी यादव और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम की सदस्य संजू देवी की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।

खेल विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य सरकार ने इस वर्ष खेलों के विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। खेलो इंडिया सहित केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी को संसाधनों की कमी के कारण पीछे नहीं रहना चाहिए। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खेलों से बढ़ेंगे अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में लंबे समय तक नक्सलवाद के कारण विकास प्रभावित हुआ। अब इन क्षेत्रों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, खेल और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक अवसरों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं।

2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ आधुनिक तकनीक, उद्योग, सेवा क्षेत्र और मानव संसाधन के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि राज्य की नई औद्योगिक नीति को निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में सिंगापुर दौरे के दौरान डेटा सेंटर और कृषि प्रसंस्करण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश को लेकर चर्चा हुई। करीब 15 बड़ी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक में छत्तीसगढ़ में उद्योग और व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इससे प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

ई-ऑफिस से सरकारी सेवाओं को आसान बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए काम कर रही है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग की स्थापना और मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करना इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण से प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओम प्रकाश चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खनिज और भारी उद्योगों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, सेवा क्षेत्र और आधुनिक शहरी सुविधाओं का भी विस्तार हो रहा है। उन्होंने नवा रायपुर को इन संभावनाओं का प्रमुख केंद्र बताया।

चौधरी ने कहा कि प्रदेश में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में काम किया जा रहा है। वहीं आईआईटी, आईआईएम, एम्स और सीपेट जैसे संस्थान युवाओं को शिक्षा और प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने नवा रायपुर में डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर इकाई की स्थापना के प्रयासों तथा ‘अंजोर’ विजन दस्तावेज का भी उल्लेख किया।

बच्चों के शारीरिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी: गोपीचंद

बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक पुलेला गोपीचंद ने छत्तीसगढ़ में स्वागत के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने नवा रायपुर के विकास और इलेशियम क्लब्स की पहल की सराहना करते हुए इसे खेल, स्वास्थ्य और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने वाला कदम बताया।

गोपीचंद ने कहा कि पिछले 10 से 12 वर्षों में देश में खेलों के प्रति लोगों का नजरिया बदला है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खिलाड़ियों की सफलता से देशवासियों का गौरव और आत्मविश्वास बढ़ता है।

उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के साथ उनके शारीरिक विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। बच्चों को दौड़ने, कूदने और विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। खेलों में निवेश केवल खिलाड़ी तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ, अनुशासित और आत्मविश्वासी समाज के निर्माण में भी योगदान देता है।

कार्यक्रम में प्रह्लाद राय अग्रवाल, दीपचंद राजलीवाल, पवित्र कुमार, डॉ. हिमांशु द्विवेदी सहित अन्य अतिथि और नागरिक उपस्थित रहे।

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