रायपुर, 09 सितम्बर। Chhattisgarh Tourism: छत्तीसगढ़ अब अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासत के साथ पर्यटन को रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने पर जोर दे रही है।
गांवों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
सरकार का फोकस ग्रामीण पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा देने पर है। कोशिश है कि पर्यटक केवल प्रमुख पर्यटन स्थलों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों के स्थानीय खान-पान, कला, संस्कृति और परंपराओं से भी जुड़ें।
इससे स्थानीय लोगों को भोजन, परिवहन, हस्तशिल्प, गाइड सेवा और होमस्टे जैसे क्षेत्रों में रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे।
महिलाओं को भी मिल रहा रोजगार
सूरजपुर की झील में ग्रामीण महिलाएं बोटिंग, गाइड सेवा और हस्तशिल्प बिक्री जैसी गतिविधियों से जुड़ रही हैं। विहान योजना और स्थानीय मिशनों से जुड़ी महिलाओं को इन गतिविधियों से प्रतिदिन करीब 1,000 से 1,500 रुपये तक की आय होने का दावा किया गया है।
चित्रकोट से सिरपुर तक पर्यटन का विकास
छत्तीसगढ़ के चित्रकोट, तीरथगढ़, मैनपाट, जशपुर और सिरपुर जैसे पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। चित्रकोट को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है, जबकि सिरपुर के लिए एकीकृत मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है।
मैनपाट और जशपुर में भी पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजना है।
धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा
भोरमदेव कॉरिडोर के विकास के लिए 145 करोड़ 99 लाख रुपये की स्वीकृति को महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। वहीं रतनपुर के महामाया मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।
श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के तहत IRCTC के सहयोग से अब तक 61 ट्रेनों के संचालन और 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के अयोध्या एवं काशी दर्शन का दावा किया गया है।
फिल्म सिटी से बढ़ेंगे रोजगार के मौके
छत्तीसगढ़ में फिल्म पर्यटन को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। फिल्म सिटी निर्माण के लिए 203 करोड़ 53 लाख रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई है। कन्वेंशन सेंटर और फिल्म सिटी के विकास की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपये बताई गई है।
फिल्म निर्माण बढ़ने से होटल, परिवहन, कैटरिंग, तकनीकी सेवाओं, सेट निर्माण और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
डिजिटल पर्यटन पर भी फोकस
पर्यटकों को ऑनलाइन जानकारी और बुकिंग की सुविधा देने के लिए पर्यटन विभाग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप को मजबूत किया जा रहा है। दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले दो वर्षों में ऑनलाइन बुकिंग से करीब 6.48 करोड़ रुपये और पर्यटन इकाइयों से करीब 31.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
युवाओं को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
प्रदेश में 390 से अधिक टूर ऑपरेटरों और ट्रैवल एजेंटों तथा 26 होटलों के पंजीकरण की जानकारी दी गई है। पर्यटक गाइड, आतिथ्य, पर्यटन संचालन, फिल्म निर्माण और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर 500 स्थानीय युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
लोककला बनेगी पर्यटन की पहचान
पंडवानी, भरथरी, ददरिया, जसगीत, करमा, पंथी और देवारगीत जैसी लोककलाओं को पर्यटन से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। ‘रंगतरंग’, ‘पावस प्रसंग’, ‘रंगपरव’ और ‘लोकरंग पर्व’ जैसे आयोजनों के जरिए कलाकारों को मंच दिया जा रहा है।
साथ ही मुख्यमंत्री लोक कलाकार प्रोत्साहन योजना और कलाकार कल्याण से जुड़ी योजनाओं के जरिए कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।

