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Chhattisgarh Tourism Mission: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा… 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की तैयारी

रायपुर, 14 अक्टूबर। Chhattisgarh Tourism Mission: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को रोजगार, स्वरोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की कार्ययोजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के निर्देश दिए। मिशन के तहत 500 करोड़ रुपये की मूल निधि प्रस्तावित है, जबकि विभिन्न माध्यमों से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की योजना बनाई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थलों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण करना नहीं, बल्कि स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तैयार करना भी है।

चित्रकोट, मैनपाट और सिरपुर समेत प्रमुख स्थलों का होगा विकास

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के पहले चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी जैसे स्थलों पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

इन पर्यटन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय संस्कृति, वास्तुकला और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।

1,000 पर्यटन उद्यमी और 250 महिला समूहों को मिलेगा बढ़ावा

मिशन के तहत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने और 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों और 500 टूर गाइड तथा फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षित करने की योजना है।

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन और परिवहन जैसी सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही कमाई के अवसर मिल सकेंगे और पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ समुदायों तक पहुंचेगा।

पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और उनके औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटकों की जरूरतों को देखते हुए प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना भी बनाई गई है।

इसके लिए होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट बनेंगे

प्रदेश के अलग-अलग पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित किए जाएंगे। प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं और करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित करने की योजना है।

इससे पर्यटकों को प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय महत्व के स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। बेहतर संपर्क व्यवस्था से पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने और स्थानीय कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल सुविधाओं से आसान होगी यात्रा

पर्यटन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सूचना, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इन माध्यमों से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, खानपान और स्थानीय आकर्षणों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

जनजातीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और पारंपरिक खानपान छत्तीसगढ़ की पहचान हैं। पर्यटन विकास के दौरान इनकी मौलिकता और गरिमा को बनाए रखना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य पर्यावरण और जैव विविधता को ध्यान में रखकर किए जाएं। मिशन के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति गठित करने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को स्थानीय लोगों की समृद्धि और क्षेत्रीय विकास का माध्यम बनाया जाना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और वित्तीय संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित पर्यटन, वित्त, वन, उद्योग, पर्यावरण और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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