नई दिल्ली, 31 अगस्त। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने CJP से जुड़े संस्थापकों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक पॉडकास्ट में वांगचुक ने कहा कि किसी व्यक्ति में राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना अपने आप में गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि CJP के संस्थापक भविष्य में राजनीतिक पार्टी बनाते हैं, तो वह उनका समर्थन करेंगे।
‘CJP के संस्थापक संत नहीं हैं’
वांगचुक ने कहा कि उन्होंने CJP के संस्थापकों को करीब से देखा है और उनके आकलन के मुताबिक, उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। उन्होंने कहा कि संस्थापकों को ऐसे संत नहीं माना जा सकता, जो राजनीति से पूरी तरह दूर रहना चाहते हों। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संस्थापकों ने कभी सीधे तौर पर उनके सामने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं की बात नहीं की।
उनके मुताबिक, युवाओं में राजनीति में आने की इच्छा होना स्वाभाविक है। वे मौजूदा राजनीतिक दलों में शामिल हो सकते हैं या भविष्य में अपनी अलग राजनीतिक पार्टी भी बना सकते हैं।
अभिजीत दिपके के पुराने राजनीतिक जुड़ाव पर भी बोले
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के पहले आम आदमी पार्टी से जुड़े होने को लेकर हुई आलोचना पर भी वांगचुक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का पहले किसी राजनीतिक दल के साथ काम करना गलत नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी के पुराने राजनीतिक जुड़ाव से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
छात्र आंदोलन को राजनीति से दूर रखने पर जोर
वांगचुक ने बताया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग को लेकर चले करीब दो महीने लंबे छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने CJP के संस्थापकों अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रंका के साथ काम किया था।
उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्होंने CJP के संस्थापकों से साफ कहा था कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं बाद में पूरी कर सकते हैं, लेकिन छात्र आंदोलन को किसी भी राजनीतिक दल के एजेंडे से दूर रखा जाना चाहिए।
वांगचुक ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आंदोलन के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया और आंदोलन को राजनीतिक एजेंडे से अलग रखा गया।

