रायपुर, 17 अक्टूबर। CM House Garba Mahotsav: मुख्यमंत्री निवास में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर गरबा महोत्सव का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताओं-बहनों, बेटियों और गुजराती समाज के लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पारंपरिक परिधानों में सजे प्रतिभागियों ने मां दुर्गा की आराधना के साथ गरबा की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भक्ति संगीत और गरबा की ताल से पूरा मुख्यमंत्री निवास भक्तिमय माहौल में रंग गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
नारी सम्मान और सशक्तीकरण का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नवरात्रि शक्ति की आराधना, श्रद्धा, भक्ति और नारी सम्मान का पर्व है। सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है। यह पर्व मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि गरबा मां दुर्गा के प्रति भक्ति की सुंदर अभिव्यक्ति होने के साथ देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक भी है।
महतारी वंदन योजना से 68 लाख महिलाओं को मिल रही सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचती है, जिससे महिलाओं को अपनी जरूरतों, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार के खर्चों में मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 14 लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। यह महिलाओं के परिश्रम, क्षमता और आत्मविश्वास का प्रमाण है। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी न रहें, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएं।
छत्तीसगढ़ में शक्ति आराधना की समृद्ध परंपरा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन धरती है। यहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी सहित अनेक देवी धाम श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्रि के दौरान दंतेवाड़ा, डोंगरगढ़, रतनपुर और चंद्रपुर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। प्रमुख देवी धामों के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
विकसित छत्तीसगढ़ में गुजराती समाज का अहम योगदान
मुख्यमंत्री ने गुजराती समाज की उद्यमशीलता, परिश्रम, सेवा भावना और सामाजिक एकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में गुजराती समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान सभी समाजों और संस्कृतियों को अपनाने की रही है। गुजराती समाज ने भी प्रदेश को अपनी कर्मभूमि बनाकर यहां के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, सकारात्मकता और सामूहिकता का संदेश देता है। मां दुर्गा के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति करे और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि आए, यही कामना है।
कई मंत्री और गुजराती समाज के प्रतिनिधि रहे मौजूद
गरबा महोत्सव में कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल और तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब सहित विभिन्न आयोगों और मंडलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा सर्व गुजराती समाज छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी, पूर्व विधायक एवं एन.आर. गुजराती एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष देवजी पटेल, गुजराती स्कूल के अध्यक्ष जयंती पटेल सहित गुजराती समाज के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।

