रायपुर, 29 जुलाई। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई तस्वीर को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। यह दल 30 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में बस्तर के परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, ‘बस्तर पंडुम-2026’ के जनजातीय कलाकार, समाज प्रतिनिधि तथा पद्मश्री सम्मान प्राप्तकर्ता शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश रखेगा कि आज का बस्तर हिंसा और भय के दौर से निकलकर शांति, विकास और विश्वास के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
दल बस्तर की गौरवशाली लोक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों और रीति-रिवाजों से राष्ट्रपति को अवगत कराएगा। साथ ही, शासन के विकास कार्यों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में मिली ऐतिहासिक सफलता के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा। प्रतिनिधिमंडल बस्तर के युवाओं को शिक्षा, खेल, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में मिल रहे नए अवसरों तथा उनकी प्रतिभा को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेगा।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दल केवल बस्तर का ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और नई पहचान का प्रतिनिधित्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर आज शांति, विकास, खेल और सांस्कृतिक चेतना का नया केंद्र बनकर उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के प्रतिनिधियों का देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था तक पहुंचना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव और ऐतिहासिक क्षण है। यह यात्रा बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर को देश के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित होगी।

