कोलकाता, 12 अक्टूबर। पश्चिम बंगाल की कंपनी गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (GPIL) के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। कथित बैंक धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत कंपनी से जुड़े 139 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा कंपनी और उससे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद कई म्यूचुअल फंड और शेयर भी फ्रीज किए गए हैं।
बंगाल और ओडिशा में 9 ठिकानों पर छापेमारी
ईडी के कोलकाता कार्यालय की टीम ने 5 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और ओडिशा में कंपनी, उससे जुड़ी इकाइयों और प्रबंधन से संबंधित लोगों के नौ ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के अनुसार, इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और अन्य रिकॉर्ड मिले, जिन्हें जब्त किया गया।
3,590 करोड़ रुपये के बैंक एक्सपोजर की जांच
इस मामले में बैंक कंसोर्टियम का कुल एक्सपोजर करीब 3,590 करोड़ रुपये बताया गया है। इसमें केनरा बैंक का मंजूर एक्सपोजर लगभग 1,174 करोड़ रुपये था। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने बैंकों से बड़ी रकम की वर्किंग कैपिटल सुविधाएं ली थीं।
ईडी का आरोप है कि कंपनी ने अपनी ड्रॉइंग पावर और उधार लेने की क्षमता से जुड़े आंकड़ों में कथित हेरफेर किया। एजेंसी इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
PMLA के तहत कार्रवाई, जांच जारी
यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है। कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

