पेरिस, 03 अक्टूबर। France Student Protest: फ्रांस में स्कूलों की खराब सुविधाओं, शिक्षकों की कमी और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब कई शहरों में हिंसक झड़पों तक पहुंच गया है।कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव, आगजनी और स्कूलों की घेराबंदी की घटनाएं सामने आईं।
पेरिस क्षेत्र से शुरू हुआ यह आंदोलन अब देश के कई हिस्सों में फैल चुका है। छात्रों की प्रमुख शिकायतों में लंबे स्कूल घंटे, बड़ी कक्षाएं, शिक्षकों की कमी, जर्जर स्कूल भवन और बुनियादी सुविधाओं का अभाव शामिल हैं।
400 स्कूल बंद, 560 से ज्यादा संस्थानों में प्रदर्शन
जानकारी के मुताबिक, करीब 400 स्कूल बंद रहे, जबकि 560 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों में प्रदर्शन या शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान की जानकारी सामने आई। स्ट्रासबर्ग, मार्सेई, रेन्न, ब्रेस्ट और पेरिस के आसपास कई जगह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
कुछ स्थानों पर स्कूलों के बाहर आग लगाए जाने और पुलिस पर वस्तुएं फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आईं। वहीं कुछ छात्रों ने पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है।
करीब 2 हजार लोग हिरासत में
फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, आंदोलन शुरू होने के बाद करीब 2,000 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें बड़ी संख्या नाबालिगों की है। शिक्षा मंत्री के मुताबिक, 170 छात्र और 65 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं, जबकि 100 से अधिक स्कूलों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
सरकार ने बातचीत का दिया भरोसा
फ्रांसीसी सरकार ने छात्रों की शिकायतों को सुनने और उनकी समस्याओं पर चर्चा करने की बात कही है। हालांकि, सरकार ने हिंसा और तोड़फोड़ की निंदा की है। सरकार की ओर से वामपंथी दल La France Insoumise की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं, जिसे पार्टी ने खारिज कर दिया है।

