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Fraud Case: GST फ्रॉड का खुलासा…53 करोड़ की फर्जी बिलिंग मामले में आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग के मामले में मुख्य आरोपी वि

GST फ्रॉड का खुलासा

रायपुर, 22 जुलाई। Fraud Case: छत्तीसगढ़ राज्य GST विभाग ने फर्जी बिलिंग और बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 53 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग के मामले में मुख्य आरोपी विजय कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। विभाग के अनुसार आरोपी ने फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 9.54 करोड़ रुपए के टैक्स फ्रॉड को अंजाम दिया।

आरोपी को 20 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उसे 3 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। GST विभाग अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है।

दो फर्मों के जरिए चलाया फर्जी बिलिंग का नेटवर्क

जांच में सामने आया कि विजय कुमार यादव ने मेसर्स माया स्टील एंड एंटरप्राइज और मेसर्स मायरा स्टील एंटरप्राइजेज नाम से दो फर्मों का संचालन किया। इन फर्मों के माध्यम से करीब 53 करोड़ रुपए की बोगस बिलिंग कर अलग-अलग फर्मों को 9.54 करोड़ रुपए का फर्जी ITC ट्रांसफर किया गया।

GST विभाग के मुताबिक आरोपी ने बंद और फर्जी फर्मों से प्राप्त ITC का दावा कर उसका इस्तेमाल अपनी टैक्स देनदारी चुकाने में भी किया।

जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं

जांच के दौरान पता चला कि 10 ऐसी फर्मों से फर्जी ITC का दावा किया गया, जिनका GST पंजीयन रद्द हो चुका था या जो आपस में संबंधित पक्ष थीं। इन फर्मों के जरिए करीब 6.13 करोड़ रुपए के ITC का दावा और उपयोग किया गया, जबकि इनके बीच कोई वास्तविक विलय या व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली।

इसके अलावा पंजाब समेत अन्य राज्यों की 9 फर्मों से करीब 1.99 करोड़ रुपए के फर्जी ITC का दावा किया गया। जांच में इन फर्मों से वास्तविक माल आपूर्ति के कोई प्रमाण नहीं मिले।

विभाग ने यह भी पाया कि बिना वास्तविक खरीद-बिक्री के GSTR-2B की तुलना में GSTR-3B में करीब 1.41 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ITC क्लेम कर उसका लाभ लिया गया।

फर्जी ITC का खुद भी लिया लाभ

GST विभाग के अनुसार आरोपी ने केवल दूसरी फर्मों को फर्जी ITC ट्रांसफर ही नहीं किया, बल्कि खुद भी इसका लाभ उठाया। बिना वास्तविक माल की खरीद-बिक्री के सिर्फ बिलों के आधार पर लेन-देन दिखाकर सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाया गया।

विभाग ने बताया कि फर्जी बिलिंग और बोगस ITC के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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