रायपुर, 05 अगस्त। Fraud Case: रायपुर पुलिस ने 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह पिछले 15 वर्षों से देश के कई राज्यों में इसी तरह लोगों को निवेश का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करता आ रहा है।
पुलिस के अनुसार, बालोद निवासी कारोबारी उमेश कुमार सिन्हा अपनी कंपनी के लिए निवेश की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात आरोपियों से हुई। आरोपियों ने खुद को विदेशी निवेशकों और प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताते हुए कंपनी में 45 करोड़ रुपये का निवेश दिलाने का भरोसा दिलाया।
विश्वास जीतने के बाद आरोपियों ने अलग-अलग मदों में प्रोसेसिंग, दस्तावेजी प्रक्रिया और अन्य खर्चों का हवाला देकर कारोबारी से करीब 1.13 करोड़ रुपये ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी निवेश नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक लेनदेन के आधार पर कार्रवाई करते हुए नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह लंबे समय से कई राज्यों में इसी तरह निवेश का झांसा देकर लोगों को ठगता रहा है।
फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की कुल रकम कितनी है। पुलिस ने आशंका जताई है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

